शनिवार, 31 जुलाई 2010

खुलासा क्रमांक-३

http://www.chitthajagat.in/?page=1&chitthakar=Amresh

अमरेश जी ने चिट्ठा जगत मे जगह बना रखी है मगर हिन्दी साहित्या सभा के एक सदस्य विनीत मिश्रा जी की कविता

http://tajinindia.blogspot.com/2010/07/blog-post_20.html

को चुरा कर अपने ब्लॉग पे डाल दिया है गौर फरमाएँ विनीत जी ने यह कविता २० जुलाई को लिखी थी जिसे २४ जुलाई को चुरा कर अमरेश जी ने अपने बलॉग पर डाल दिया है

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